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स्थानीय

केला चिप्स

पबलिश्ड ऑन: 22/05/2025

कमानी केला मुख्य रूप से बुरहानपुर की ही पैदावार है क्योंकि इस की लोडिंग भुसावल जंक्शन होती है इसलिए यह देशभर में यह भुसावली केले के नाम से प्रसिद्ध हुआ है। जितना स्वादिष्ट यह केला होता है उतनी ही स्वादिष्ट बुरहानपुर में इसकी चिप्स भी बनाई जाती है बुरहानपुरी बना चिप्स आकर में दो से […]

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बुरहानपुरी दाल चावल

पबलिश्ड ऑन: 22/05/2025

दुनिया भर में दाल चावल को सदा एवं सरल भोजन माना जाता है किंतु बुरहानपुरी दाल चावल की बात अलग है क्योंकि बुरहानपुरी दाल चावल न तो सादे होते हैं और न ही इन्हें बनाने की विधि सरल होती है। यह बुरहानपुरी प्राचीन एवं परंपरागत शुद्ध शाकाहारी व्यंजन शादी ब्याह जैसे बड़े और महत्वपूर्ण आयोजनों […]

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इच्छादेवी मंदिर-पूरी होती है हर मुराद

पबलिश्ड ऑन: 29/04/2025

बुरहानपुर से 23 किलोमीटर दूर महाराष्ट्र की सीमा के पास इच्छादेवी का पौराणिक मंदिर स्थित है। ‘ताप्ती महात्म्य’ में कहा गया है कि देवीदास नामक एक ब्राह्मण ने माता शक्ति के दर्शन की इच्छा से भारी तप किया था। तप से प्रसन्न होकर देवी ने पर्वत के मस्तक पर दर्शन देकर ब्राह्मण की इच्छा पूर्ण […]

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केला-हल्दी महोत्सव 2024

पबलिश्ड ऑन: 17/02/2024

बुरहानपुर में अपार संभावनाएं हैं। हम आपके विचारों और निवेशों का तहे दिल से स्वागत करते हैं।   दिनांकवार कार्यक्रम अनुसूची दिनांक समय घटना 19 /02/2024 07.00 PM शाही किला में लाइट एंड साउंड शो और रात्रिभोज 20/02/2023 10.30 AM मुख्य अतिथि द्वारा स्वागत एवं उद्घाटन सम्बोधन 12.00 PM प्रदर्शनी का उद्घाटन एवं चाय हेतु […]

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दराबा

पबलिश्ड ऑन: 09/07/2019

दराबा बुरहानपुर की परंपरागत प्राचीन एवं प्रसिद्ध मिठाई है यह एक प्रकार का हलवा ही है, इसे दो प्रकार से बनाया जाता है एक में रवा (सूजी) घी और शक्कर का उपयोग होता है एवं दूसरे में सूजी के स्थान पर सिंघाड़े के आटे का उपयोग किया जाता है। इस मिठाई का बुरहानपुर में आध्यात्मिक […]

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शाही महल – प्रेम और मृत्यु का साक्षी

पबलिश्ड ऑन: 14/06/2019

ताप्ती के मुख्य तट पर निवत शाही महल सिर्फ मुगल साम्राज्य के उत्थान और पतन का ही साक्षी नहीं है, बल्कि इसने मोहब्बत की मिसाल कहे जाने वाले मुमताज और शाहजहाँ के प्रेम को भी बड़े करीब से देखा है। फारूकी काल में बना, दो भागों में विभाजित यह महल ही चार एकड़ भूमि पर […]

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मावा जलेबी

पबलिश्ड ऑन: 10/06/2019

बुरहानपुरी मावा जलेबी आज़ादी से पहले इसे काली जलेबी के नाम से जाना जाता था आज यह बुरहानपुरी मावा जलेबी के नाम से दुनिया भर में प्रसिद्ध है। इस जलेबी के ख़मीर में मावा(दूध का खोया) चन्दन चूर्ण एवं गुलाब जल इसके रंग स्वाद एवं सुगंध को सामान्य जलेबी से अलग स्थान प्रदान करते हैं। […]

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केला

पबलिश्ड ऑन: 06/06/2019

देश में बुरहानपुर एक प्रमुख केला उगाने वाला जिला है, क्योंकि जिले में 1,03,000 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि में से 16,000 हेक्टेयर केले की खेती के लिए समर्पित है। राज्य में कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के विस्तार से भी फसल कटाई की संभावना कम हो गई है।

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असीरगढ़ – रहस्य, रोमांच और छल

पबलिश्ड ऑन: 02/01/2018

अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण असिरगढ़ के किले को ‘हिन्दुस्तान का जिब्राल्टर’ कहा जाता है। इस किले की स्थापना किसने की और किस काल में हुई, वह सही-सही कोई नहीं बता सकता, लेकिन किले में स्थापित शिव मंदिर को लेकर जो जनश्रुति प्रचलित है, वह इसे महाभारत काल से जोड़ती है। इतिहास के पन्नों के […]

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