असीरगढ़ - रहस्य, रोमांच और छल

दिशा
श्रेणी ऐतिहासिक

अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण असिरगढ़ के किले को ‘हिन्दुस्तान का जिब्राल्टर’ कहा जाता है। इस किले की स्थापना किसने की और किस काल में हुई, वह सही-सही कोई नहीं बता सकता, लेकिन किले में स्थापित शिव मंदिर को लेकर जो जनश्रुति प्रचलित है, वह इसे महाभारत काल से जोड़ती है। इतिहास के पन्नों के अनुमान अनुसार आसाहिर नामक एक पशुपालक ने इसका निर्माण करवाया, बाद में फारूकी वंश के राजाओं ने इसे और मजबूती प्रदान की। इस किले के बारे में कहा जाता है कि इसे ताकत के दम पर कोई नहीं जीत सका, सिर्फ चाल और छल से ही इसे जीता गया। मुगलिया सल्तनत के सम्राट अकबर को भी इस किले पर कब्ज़ा करने के लिए कूटनीति और छल का सहारा लेना पड़ा।

यह किला तीन भागों—मलयगढ़, कमरगढ़ और असिरगढ़—में विभाजित है। इसमें ऊपर जाने के लिए दो रास्ते हैं, पहला सीधा है, तो दूसरा भूल-भुलैया जैसा अहसास कराता है, जो कठिनाई व रोमांच से भरपूर है। ऊपर पहुँचकर ऐसा लगता है मानो बुरहानपुर का इतिहास अतीत से निकलकर अपनी कहानी सुनाने के लिए खुद आ खड़ा हुआ हो, जिसमें वास्तुकला की बड़ी भूमिका है।

इस किले में अहीर, फारूकी और मुगल शासन काल की इमारतें दर्शनीय हैं। इसमें एक तरफ काले पत्थरों से बनी जामा मस्जिद इसके गौरवशाली अतीत की गवाही देती है, तो दूसरी तरफ दक्षिण भारत की शैली में बने शिव के सीढ़ीनुमा मंदिर का रहस्य पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। किवदंती है कि अश्वत्थामा आज भी वहाँ पूजा करने आते हैं।

कैसे पहुंचें:

हवाई मार्ग द्वारा

फ्लाइट द्वारा बुरहानपुर पहुँचने के लिए, निकटतम हवाई अड्डा इंदौर शहर में है, जो 190 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इंदौर हवाई अड्डे की भारत के अन्य प्रमुख शहर जैसे दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद, रायपुर, नागपुर आदि के साथ अच्छी उड़ान कनेक्टिविटी है।

ट्रेन द्वारा

बुरहानपुर शहर, मुंबई-दिल्ली केंद्रीय रेल मार्ग पर स्थित है। इस गंतव्य के लिए कई सुपर-फास्ट, एक्सप्रेस ट्रेनें हैं। बुरहानपुर का मुंबई, दिल्ली, आगरा, वाराणसी, ग्वालियर, कटनी, जबलपुर, पिपरिया, झाँसी, भोपाल जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों और शहरों से सीधा रेल संपर्क है। असीरगढ़ में एक रेलवे स्टेशन भी है। जो बुरहानपुर रेलवे स्टेशन से 20 KM दूर स्थित है।

सड़क के द्वारा

असीरगढ़ किला, बुरहानपुर शहर से लगभग 20 किलोमीटर (12 मील) उत्तर में सतपुड़ा रेंज में स्थित है। महाराष्ट्र राज्य की सीमा के करीब होने के कारण, भुसावल, जलगाँव, औरंगाबाद आदि के लिए बहुत अच्छा सडक मार्ग है। बुरहानपुर से भोपाल के मध्य दूरी व्हाया इंदौर 375किमी है एवं व्हाया मुंदी 331 किमी है |